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अंगारक दोष पूजा

अंगारक दोष (मंगल दोष) के निवारण हेतु शास्त्रसम्मत एवं पारंपरिक विधि से विशेष पूजा। अनुभवी पंडित द्वारा जीवन की बाधाओं से मुक्ति का उपाय।

अंगारक दोष पूजा – पंडित अभिषेक उमेश गुरुजी द्वारा

अंगारक दोष तब बनता है जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह की युति राहु या केतु से हो जाती है।

यह दोष व्यक्ति के जीवन में क्रोध, मानसिक अशांति, विवाह में विलंब, वैवाहिक कलह, दुर्घटना भय एवं कार्यक्षेत्र में बाधाएँ उत्पन्न करता है।

मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस और पराक्रम का कारक है, लेकिन राहु या केतु के प्रभाव से यह ऊर्जा नकारात्मक हो जाती है।

उज्जैन में बाबा महाकाल के पावन सान्निध्य में एवं क्षिप्रा नदी के तट पर विधि-विधान से अंगारक दोष शांति पूजा कराई जाती है।

इस पूजा से मंगल ग्रह शांत होता है, क्रोध एवं नकारात्मकता में कमी आती है और जीवन में स्थिरता व शांति प्राप्त होती है।

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अंगारक दोष से जुड़े सामान्य प्रश्न

जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह राहु या केतु के साथ एक ही भाव में स्थित होता है, तब अंगारक दोष बनता है।

क्रोध की अधिकता, विवाह में बाधा, दांपत्य जीवन में तनाव, दुर्घटना या चोट का भय, मानसिक अशांति इसके प्रमुख लक्षण हैं।

  • मंगल ग्रह की शांति
  • क्रोध और तनाव में कमी
  • विवाह एवं दांपत्य जीवन में सुधार
  • दुर्घटना भय से राहत
  • मानसिक शांति एवं स्थिरता