पवित्र नगरी उज्जैन में वैदिक रीति-रिवाजों से संपन्न की जाने वाली पूजा सेवाएँ
जब भी इस पृथ्वी पर कोई आत्मा मनुष्य शरीर मे आती है अर्थात उसका जन्म होता है।ये भाग्य निर्धारन उसकी कुंडली के रूप मे प्रत्यक्षहः परिलंक्षित होता है । वह कुंडली उस बालक का भाग्य बताती है। उन बारह भावो मे जो ग्रह स्थित होते है जब जन्म कुंडली मे ग्रहो का एक दूसरे के साथ मेल सम्बंध होता है।तब कई प्रकार के योग बनते है तो कोई योग होता है ,तो कोई दोष। कालसर्प शांति पूजा करने से राहु और केतु दोष दूर होते हैं।
निशुल्क ज्योतिषीय परामर्श एवं पूजा मुहूर्त हेतु आज ही पंडित जी से संपर्क करें।
संपर्क करें