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मंगल दोष पूजा

विशेष मंगल दोष निवारण हेतु पवित्र और पारंपरिक विधि से पूजा का आयोजन। अनुभवी पंडित द्वारा आपके वैवाहिक जीवन और गृहस्थी की बाधाएं दूर करने की सेवा।

मंगल दोष पूजा पंडित अभिषेक गुरुजी के द्वारा

यदि किसी ज्योतिषी या जानकार ने आपकी कुंडली में मंगल दोष होने की बात कही है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। मंगल दोष का शास्त्रसम्मत और प्रभावी निवारण विधिवत पूजा द्वारा संभव है।

मंगल दोष का विधान भारत में विशेष रूप से उज्जैन और हरिद्वार जैसे पवित्र स्थलों पर किया जाता है। उज्जैन में मंगल दोष पूजा का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि यह पूजा बाबा महाकाल के चरणों में और मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के तट पर संपन्न होती है।

मंगल दोष शांति पूजा से वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, विवाह में विलंब समाप्त होता है और दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है। विधिवत मंगल ग्रह शांति करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और स्थिरता प्राप्त होती है।

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मंगल दोष के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगल दोष तब बनता है जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है। इसे कुज दोष भी कहा जाता है। यह दोष विवाह में देरी, वैवाहिक कलह और दांपत्य जीवन में समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।

जब मंगल ग्रह कुंडली के विशेष भावों में स्थित होता है, तब मंगल दोष बनता है। इसका प्रभाव व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, पारिवारिक सुख और मानसिक शांति पर पड़ता है। ज्योतिषीय गणना द्वारा मंगल दोष की स्थिति का निर्धारण किया जाता है।

  • विवाह में देरी या बार-बार रुकावट
  • वैवाहिक जीवन में तनाव और विवाद
  • गुस्सा, चिड़चिड़ापन और मानसिक अशांति
  • परिवार और रिश्तों में असंतुलन