विशेष पितृ दोष निवारण हेतु पवित्र और पारंपरिक विधि से पूजा का आयोजन। अनुभवी पंडित द्वारा पितरों की शांति एवं जीवन की बाधाएं दूर करने की सेवा।
यदि किसी ज्योतिषी या जानकार ने आपकी कुंडली में पितृ दोष होने की बात कही है,
तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। पितृ दोष का शास्त्रसम्मत निवारण
विधिवत पूजा, तर्पण एवं श्राद्ध कर्म द्वारा किया जाता है।
पितृ दोष तब बनता है जब पूर्वजों के प्रति उचित श्राद्ध, तर्पण या
पिंडदान समय पर नहीं हो पाता या कुंडली में सूर्य एवं नवम भाव दोषग्रस्त होता है।
इसका प्रभाव जीवन में आर्थिक रुकावट, संतान बाधा, स्वास्थ्य समस्या
एवं मानसिक अशांति के रूप में दिखाई देता है।
उज्जैन में बाबा महाकाल के चरणों में एवं मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के तट पर
की गई पितृ दोष शांति पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
इस पूजा से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।