पितृ दोष कैसे बनता है?

जब पूर्वजों की आत्मा को शांति नहीं मिलती, तब कुंडली में पितृ दोष बनता है। यह दोष परिवार में कई पीढ़ियों तक प्रभाव डाल सकता है।

पितृ दोष के लक्षण

  • परिवार में बार-बार समस्याएँ
  • संतान सुख में बाधा
  • आर्थिक हानि
  • स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयाँ

निवारण की विधि

पितृ दोष निवारण के लिए श्राद्ध, तर्पण और विशेष पूजा की जाती है। उज्जैन में यह पूजा बहुत प्रभावी मानी जाती है।

पूजा का महत्व

यह पूजा न केवल दोष दूर करती है बल्कि पूर्वजों को शांति भी प्रदान करती है। इससे परिवार में सकारात्मक वातावरण बनता है।