चंद्र ग्रहण दोष एवं सूर्य ग्रहण दोष के निवारण हेतु शास्त्रसम्मत एवं पारंपरिक विधि से विशेष पूजा का आयोजन। अनुभवी पंडित द्वारा जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति का मार्ग।
यदि किसी विद्वान ज्योतिषी ने आपकी कुंडली में
चंद्र ग्रहण दोष या सूर्य ग्रहण दोष बताया है
तो घबराने की आवश्यकता नहीं है।
जब जन्म कुंडली में चंद्रमा या सूर्य पर राहु अथवा केतु का प्रभाव पड़ता है,
तब यह दोष बनता है। इसका प्रभाव व्यक्ति के
मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, करियर एवं पारिवारिक जीवन पर पड़ता है।
चंद्र ग्रहण दोष के कारण मानसिक तनाव, भय, निर्णय लेने में कमजोरी
एवं भावनात्मक अस्थिरता देखी जाती है,
वहीं सूर्य ग्रहण दोष के कारण आत्मविश्वास की कमी,
मान-सम्मान में गिरावट तथा कार्यक्षेत्र में बाधाएँ आती हैं।
उज्जैन जैसे पवित्र स्थल पर, बाबा महाकाल के चरणों में
एवं क्षिप्रा नदी के तट पर विधि-विधान से
चंद्र एवं सूर्य ग्रहण दोष शांति पूजा कराई जाती है।
इस पूजा से ग्रहों की शांति होती है,
नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं
और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।