पवित्र नगरी उज्जैन में वैदिक रीति-रिवाजों से संपन्न की जाने वाली पूजा सेवाएँ
गुरु चांडाल दोष पूजा
कुंडली के 12 भावो मे से किसी भी भाव मे गुरु + राहु या केतु बेठ जाए तो कुंडली मे गुरु चाण्डल दोष बनता है। इसका खण्डन भी होता है ,जातक अभिमान करता है।अपने ज्ञान का कि राहु अभिमान का कारक है ,और गुरु ज्ञान का इसका निवारण भी उज्जैन मे होता है।