पवित्र नगरी उज्जैन में वैदिक रीति-रिवाजों से संपन्न की जाने वाली पूजा सेवाएँ
श्रापित दोष पूजा
कुंडली के 12 भाव मे से किसी कि भाव मे राहु + शनि बेठ जाए तो कुंडली में श्रापित दोष बनता है। पुर्व जन्म मे जातक को श्राप मिला हुआ था इसलिए इस जन्म मे यह श्रापित दोष कुंडली मे विराजमान हुआ। इसका निवारण विधि विधान से किया जाता है।